सूर्य उगते और डूबते समय लाल क्यों होता है?

96 views

बच्चो, सूर्य से आनेवाला प्रकाश तो सफेद रंग का ही होता है, चाहे वह प्रातः उग रहा हो या सायं के समय डूब रहा हो। फिर भी सूर्य सुबह और सायं लाल रंग का दिखाई देता है। ऐसा क्यों होता है, यह जानने के लिए हमें याद रखना होगा कि सूर्य से आनेवाला सफेद प्रकाश अकेला न होकर सात रंगों के मिश्रण से बना होता है। ये रंग होते हैं—बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल।

 

हम यह तो जानते ही हैं कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करती है। जिस हिस्से में सूर्य का प्रकाश पड़ता है, वह दिन और जहाँ प्रकाश नहीं पड़ता, वह भाग रात कहलाता है। अपनी धुरी पर घूमती हुई पृथ्वी पर प्रातः और सायं सूर्य की जो किरणें आती हैं, वे दोपहर को आनेवाले प्रकाश की तुलना में वायुमंडल में लगभग 40-50 गुना अधिक रास्ता तय करके आती हैं। इस वायुमंडल में नाना प्रकार की धूल, धुएँ एवं भाप आदि के कण बिखरे होते हैं। जब सूर्य का प्रकाश इनसे टकराकर पृथ्वी तक का रास्ता तय करता है तो सूर्य के सात रंगों में से हरा, जामुनी, नीला और बैंगनी रंग का प्रकाश इन कणों से परावर्तित हो जाता है और पृथ्वी तक बहुत कम पहुँच पाता है। शेष बचे हुए रंगों में से पीला, नारंगी और लाल रंग ही पृथ्वी पर हमारी आँखों तक पहुँच पाते हैं। इनमें भी लाल रंग की मात्रा सर्वाधिक होती है। इसीलिए प्रातः और सायं के समय सूर्य लाल रंग का दिखाई देता है।