सितारों से आगे

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ऐशनी सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। इन दिनों विज्ञान की अध्यापिका ने उसे अंतरिक्ष यान की यात्रा का एक पाठ पढ़ाया था। कल्पना चावला के बारे में पढ़कर ऐशनी को इतना अच्छा लगा कि उसने घर जाकर अपनी माँ रिया से कल्पना चावला के बारे में ढेर सारी पुस्तकें लाने की इच्छा जाहिर की। इतना ही नहीं, वह बोली, ‘‘मम्मी, प्लीज मेरा बहुत मन है कि आप मुझे कल्पना चावला के घर पर लेकर जाएँ। उनका घर हरियाणा के करनाल में था।’’ ऐशनी की उत्सुकता रिया को अच्छी लगी। वह उससे बोलीं, ‘‘बेटा, इन गरमी की छुट्टियों में मैं तुम्हें कल्पना चावला का घर दिखाने ले जाऊँगी।’’ यह सुनकर ऐशनी खुशी से चहक उठी। रिया शाम को किचन में खाना बना रही थी, तभी ऐशनी रिया के द्वारा लाई गई साइंस की पुस्तकों को लेकर किचन में पहुँच गई।

‘‘बेटा, आप किचन में क्यों आई हो? चलो, बाहर जाओ। यहाँ बहुत गरमी है।’’ तभी बात करते-करते ऐशनी का हाथ गैस पर रखे तवे पर चला गया। वह बुरी तरह चीख उठी। वह उँगली को देखकर आह-आह करने लगी। रिया यह देखकर परेशान हो गई। उसने जल्दी से उसके हाथ में दवाई लगाई और बोली, ‘‘बेटा, तुम बहुत जिद्दी हो गई हो। मैं बार-बार मना कर रही थी कि किचन में मत आओ, लेकिन तुमने मेरी बात नहीं मानी।’’

अपने दर्द को दबाते हुए ऐशनी बोली, ‘‘माँ, वह सब तो ठीक है। इस समय तो मैं केवल यही सोच रही हूँ कि जब जरा सी आग के स्पर्श से मेरी उँगली का यह हाल हो गया तो कल्पना चावला का यान जब दुर्घटनाग्रस्त हुआ होगा तो उनको कैसा महसूस हुआ होगा? उफ! कितना दर्दनाक समय रहा होगा वह!’’

‘‘हाँ बेटा, वह तो है; लेकिन जिंदगी में जोखिम लेकर ही कार्य में सफलता पाई जाती है। किसी को ऐसी दुर्घटना का अनुमान नहीं था। कल्पना चावला के जाने के बाद अब नासा ने अनेक ऐसी नई-नई तकनीकें विकसित कर ली हैं, जिनसे अंतरिक्ष में जाकर सितारों से बात करना सरल हो गया है। नासा दिन-प्रतिदिन अंतरिक्ष से संबंधित कार्यों को प्रगतिशील बनाने में लगा रहता है। भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स भी तो अंतरिक्ष यान से सितारों की दुनिया में जा चुकी हैं और भारत का नाम रोशन कर चुकी हैं।’’ यह सुनकर ऐशनी तपाक से बोली, ‘‘माँ, मैं भी एक दिन अंतरिक्ष केंद्र में जाकर भारत का तिरंगा फहराऊँगी।’’ नन्ही ऐशनी की यह बात सुनकर रिया ने उसे गले से लगा लिया और बोली, ‘‘बेटा, हम रविवार को कल्पना चावला के करनाल स्थित घर पर जाएँगे। मैंने अपने कार्यालय में इस बारे में बात कर ली है। वहाँ जाने का सारा प्रबंध हो गया है।’’ यह सुनकर ऐशनी खुशी से चहक उठी और करनाल जाने के साथ ही सितारों की दुनिया में अपना भविष्य बनाने की ललक उसके चेहरे पर चमक उठी।