संपादकीय

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प्यारे बच्चो! ‘पंख’ पत्रिका का नया अंक आपके पास है। आपको इस पत्रिका को पढ़ने में आनंद आ रहा है। यह पत्रिका ज्ञानवर्द्धक होने के साथ-साथ कॉमिक्स का अहसास भी करा रही है न। हम इसमें ऐसी ही सामग्री देने का प्रयत्न करते हैं, जिससे आपको पढ़ने और सीखने में आनंद आए।

बचपन जीवन का सबसे सुंदर वक्त होता है। ऐसे वक्त में आप जो पढ़ते और सुनते हैं, उसे ही आप अपने जीवन में बुनते हैं अर्थात् पूरे जीवन को उसी के अनुसार जीते हैं।

‘पंख’ में भारतीय संस्कृति, सभ्यता, भाषा, वेशभूषा, मनोरंजन और भौगोलिक परिवेश, सभी को डालने का प्रयत्न किया जाता है, ताकि हमारे नन्हे-नन्हे प्यारे बच्चे सभी क्षेत्रों की बातों और जानकारी को अच्छी तरह समझ जाएँ।

इस अंक में जून में आनेवाले विशेष दिवस से लेकर महान् वैज्ञानिकों को लिया गया है। आप सभी विज्ञान को करीब से जानें इसलिए आपके लिए विशेष रूप से इसरो की जानकारी दी गई है। जून का माह गरम होता है। आप में से अधिकतर बच्चे छुट्टियाँ बिताने के लिए रेल के द्वारा यात्रा करते हैं न, इसलिए हम इस बार रेल की जानकारी ‘पंख’ के गुलदस्ते में सजाकर आपके लिए लाए हैं। झारखंड के पर्यटन स्थल, देश के प्रसिद्ध संग्रहालय, योग, विलोम शब्द आदि को पढ़कर आप आनंदित हो उठेंगे। दक्षिण भारतीय राज्यों में चेन्नई के बारे में भी आप इस बार जानेंगे, इसके साथ ही आपके मनपसंद नियमित स्तंभ गोलू-भोलू, सुडोकू, अपना टेलीफोन बनाओ, विज्ञान प्रयोग आदि भी आपके इस अंक की शान बढ़ा रहे हैं।

अगर अभी भी आपको लगता है कि आपके लिए हमने कुछ छोड़ दिया है और आपको उसके बारे में जानना है, तो हमें पत्र लिखिए न। हम इसी का इंतजार कर रहे हैं, ताकि आनेवाले अंक को आपकी रुचि के अनुरूप बनाया और सजाया जा सके।

आप अपने सुझाव इ-मेल jepcranchi1@gmail.com पर भेज सकते हैं।

मुकेश कुमार (भा.प्र.से.)

राज्य परियोजना निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद्