संपादकीय

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प्रिय बच्चो, ‘पंख’ पत्रिका का मई अंक आपके हाथों में आ गया है। हमें मालूम है कि इस अंक का आप बेसब्री से इंतजार कर रहे होंगे, क्योंकि यह अंक आपकी गरमी की छुट्टियों में आपके लिए ढेर सारी जानकारी और नई-नई बातें लेकर आया है।

आप सभी गरमी की छुट्टियों में नानी-दादी, मामा, बुआ के घर छुट्टियाँ बिताने की योजना बना रहे होंगे तो कुछ ने पहाड़ों पर जाने की तैयारी भी कर ली होगी। इसके अलावा हम भी पंख की पोटली में आपको बोरियत से बचाने के लिए बहुत कुछ लाए हैं।

‘इन छुट्टियों में कुछ अलग करें’ में आपकी रुचि के अनुसार अनेक ऐसे रोचक खेल व काम बताए गए हैं, जिन्हें करने से आपका मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञानवर्द्धन होगा। ‘मुहावरा ढूँढ़ो’ में आप पाएँगे कि बोलते समय आप को पता भी नहीं चलता और आप मुहावरों का प्रयोेग सरलता से कर जाते हैं। इसी तरह नासा की रोचक जानकारी में आप पढ़ेंगे कि किस तरह नासा क्या-क्या काम करता है? सभी कामों को करते समय आप आँख, नाक और कान का प्रयोग करते हैं। आँख, नाक और कान की देखभाल कैसे करें? यह भी आप इस अंक में जानेंगे। इसके साथ ही खेल खेलते समय, घर या रास्ते में होनेवाली दुर्घटना के समय किस तरह जल्दी से रोगी को प्राथमिक चिकित्सा दें, यह भी आप इस अंक में सीख पाएँगे। महानगर मुंबई में क्या है खास, यह पढ़कर आपके अंदर जगेगी यहाँ घूमने की आस।

इनके अलावा पत्रिका में नियमित कॉलम तो रहेंगे ही। कहानी, कविताएँ, गोलू-भोलू, बाल-निबंध, प्रश्नोत्तरी आदि भी पहले की तरह ही रहेंगी, मगर और अधिक आकर्षक व मनोहारी रूप में।

गरमी की छुट्टियों में ‘पंख’ के माध्यम से आप आसमान की ऊँचाइयों को छू पाएँगे, सबको अपनी जानकारी और ज्ञान से चकित कर पाएँगे। आपकी गरमी की छुट्टियाँ अच्छी और सार्थक रहें, इसके लिए शुभकामनाएँ। मौज-मस्ती करिएगा, घूमिएगा-फिरिएगा और हाँ, हमको पत्र लिखना मत भूलिएगा।

आप अपने सुझाव इ-मेल jepcranchi1@gmail.com पर भेज सकते हैं।

मुकेश कुमार (भा.प्र.से.)

राज्य परियोजना निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद्