वर्षा ऋतु को जानिए

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भारत को चार ऋतुओं के कारण जाना जाता है। वर्षा ऋतु भारत की मुख्य ऋतु है। यह ऋतु हर साल गरमी के मौसम में जून-जुलाई से शुरू होकर सितंबर माह तक चलती है। वर्षा ऋतु में मानसून आता है। इस दौरान आकाश में बादल छा जाते हैं और मेघों से रिमझिम बारिश होने लगती है। यह मौसम आँखों को बहुत मनोहारी लगता है, इसलिए इस मौसम को सभी लोग पसंद करते हैं। वर्षा होने पर गरमी से राहत मिलती है और पर्यावरण हरा-भरा हो जाता है। वर्षा के कारण ही खेत-खलिहान, पशु-पक्षी, मानव और फसलें खिलते-खिलखिलाते हैं। वर्षा ऋतु में सभी प्राकृतिक संसाधन जैसे नदियाँ और तालाब भर जाते हैं और पूरी प्रकृति जलमग्न हो जाती है। आज जल की समस्या से पूरा भारत जूझ रहा है। ऐसे में वर्षा ऋतु के जल का संरक्षण करना बहुत जरूरी हो गया है, ताकि भारत सूखे की चपेट में न आए। हर व्यक्ति को वर्षा का आनंद तो उठाना ही चाहिए, इसके साथ-साथ वर्षा के जल का संरक्षण भी करना चाहिए। वर्षा में मानव के साथ-साथ पशु-पक्षी भी नाच उठते हैं। मोर का नृत्य तो वर्षा ऋतु की विशेष पहचान है। इस ऋतु में हर ओर हरियाली छा जाती है। पेड़-पौधे और लताओं में नई पत्तियाँ आ जाती हैं, आकाश में इंद्रधनुष निकल आता है। हर मौसम के लाभ व हानि दोनों ही होते हैं। वर्षा ऋतु के अनेक लाभ हैं, लेकिन इसके साथ-साथ अनेक हानियाँ भी हैं। वर्षा होने पर हर जगह पानी और कीचड़ इकट्ठा हो जाता है। यदि स्वच्छता का ध्यान रख उन्हें समय पर साफ न किया जाए तो उनमें कीड़े और मच्छर पनप जाते हैं, जो पूरे वातावरण को प्रदूषित कर तरह-तरह की बीमारियाँ फैलाते हैं। वर्षा में सूरज बादलों में छिप जाता है, इसलिए सूरज की पर्याप्त रोशनी पृथ्वी पर नहीं पहुँच पाती। इस कारण विषाणु, फफूँदी और बैक्टीरिया वातावरण में पनप जाते हैं। इन दिनों जल भी दूषित हो जाता है। इसलिए पीनेवाले जल का प्रयोग बेहद सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि पानी साफ न होने के कारण अनेक बीमारियाँ हो जाती हैं। इन दिनों अपने मुँह, हाथ और त्वचा की विशेष देखभाल करनी चाहिए। वर्षा ऋतु में गंदगी से आँखें आ जाती हैं। इस रोग को आई-फ्लू कहते हैं। मौसमी बुखार, डायरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि भी वर्षा ऋतु में ही पनपते हैं। इसलिए वर्षा ऋतु का आनंद तो उठाइए, साथ ही सावधानी के साथ स्वच्छता और जागरूकता से गंदगी फैलने से भी बचाइए। जब आप स्वच्छ और जागरूक होंगे तो वर्षा ऋतु का दोगुना आनंद उठाएँगे और ढेर सारा सुख पाएँगे।