रेड क्रॉस

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बच्चो, आपने रेड क्रॉस का नाम जरूर सुना होगा। आपको मालूम है कि रेड क्रॉस का जन्म कैसे हुआ था? एक बार हेनरी दुनांत नामक स्विस व्यापारी ने सन् 1839 के जून माह में इटली की यात्रा की। उसका उद््देश्य फ्रांस के बादशाह नेपोलियन से मिलकर अपने व्यापार के बारे में महवपूर्ण सलाह करना था। जब वे इटली के एक गाँव में पहुँचे तो उन्हें पता चला कि ऑस्ट्रियन फ्रांसीसी सैनिकों के बीच केवल एक दिन में दोनों ओर के लगभग 42,000 सैनिक मारे गए। कई घायल थे और बुरी तरह तड़प रहे थे। उस समय घायलों की सेवा के लिए कोई इंतजाम नहीं था। यह देखकर हेनरी दुनांत की संवेदनाएँ जाग्रत् हो गईं। उन्होंने अपने व्यापार की बातों को पीछे छोड़ दिया और एक नए मिशन को अंजाम देने में लग गए। उन्होंने निश्चय कर लिया कि चाहे कुछ भी हो जाए, घायलों की सेवा के लिए एक ऐसी संस्था का गठन करना है, जो उन्हें प्राथमिक चिकित्सा देकर राहत प्रदान करे। वे स्वयं घायलों की सेवा में जुट गए। हेनरी दुनांत ने कुछ दिनों तक तन-मन से सैनिकों की सहायता की। वे जेनेवा में स्थित अपने घर पहुँचे तो वहाँ पर भी यही विचार उनके मन में आते रहे कि किस तरह घायलों की चिकित्सा की जाए। उन्होंने इस पर ‘ए मेमोरी ऑफ सोलफोरिनो’ नामक पुस्तक भी लिखी। उन्होंने जेनेवा के चार लोगों को इकट्ठा कर इस दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रयासों से एक अंतरराष्ट्रीय समिति बनाई गई, जो घायलों के लिए काम करती थी। हेनरी दुनांत ने घायलों की संस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए बहुत प्रयास किए। उनकी मेहनत रंग लाई और इस संस्था के महवपूर्ण बिंदुओं को 29 अतूबर, 1863 को स्वीकार कर लिया गया। इसमें घायलों की सेवा के साथ अन्य कुछ महवपूर्ण बिंदु भी थे। इस समिति को एक प्रतीक चिह्न भी प्रदान किया गया। यह प्रतीक चिह्न चौकोर सफेद खाने में लाल रंग की दो आड़ी पट्टियाँ हैं, जो धन (+) का चिह्न बनाती हैं। हेनरी दुनांत के प्रयासों से यह संस्था आगे बढ़ती गई और इसमें अनेक देश जुड़ते गए। रेड क्रॉस के मुय कार्य हैं—

क.       मानवता के मूल्यों के क्षेत्र में,

ख.       स्वास्थ्य एवं लोक समाज के क्षेत्र में,

ग.       विपाि में उसका सामना करने में,

घ.       बाढ़, युद्ध, प्राकृतिक आपदा और महामारी से बचाव कार्य करने में।

 

रेड क्रॉस का मुय उद््देश्य मानवता की रक्षा करना है। हेनरी एक व्यवसायी होने के साथ-साथ बहुत बड़े समाज-सेवक थे। उनके सम्मान में ही रेड क्रॉस दिवस उनके जन्मदिवस यानी कि 8 मई को मनाया जाता है। उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1901 में मानव-सेवा के कार्यों के लिए पहला नोबेल शांति पुरस्कार मिला।