मैं चेन्नई हूँ

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मैं हूँ तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई। मैं दक्षिण भारत में बसी हूँ। अंग्रेजों ने 17वीं शताब्दी में मेरा निर्माण एक छोटी सी बस्ती मद्रासपट्टनम के रूप में किया था। धीरे-धीरे मेरा विस्तार होता गया। बीसवीं सदी तक तो मद्रास प्रेसिडेंसी की राजधानी एवं प्रमुख प्रशासनिक केंद्र बन चुका था। यहाँ ऑटोमोबाइल, प्रौद्योगिकी, हार्डवेयर उत्पादन और स्वास्थ्य संबंधी उद्योग हैं। मुझे सॉफ्टवेयर, सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी उत्पादों के लिए अधिक जाना जाता है। मैं चार भागों में बँटा हूँ—उत्तर, मध्य, दक्षिण और पश्चिमी चेन्नई। मेरे कई क्षेत्र ऐसे हैं, जिनमें विकास अधिक तेजी से हुआ है। ये हैं—पुराना महाबलीपुरम रोड, दक्षिणी ग्रांड ट्रंक रोड और पश्चिम में अंबात्तुर, कोयमबेडु और श्रीपेरुंबदूर। मेरी शहरी सीमा में एक राष्ट्रीय उद्यान भी है, जिसे ‘गुंडी राष्ट्रीय उद्यान’ के नाम से जाना जाता है। सांस्कृतिक रूप से भी मैं बेहद समृद्ध हूँ। भरतनाट्यम नृत्य की शैली मेरे शहर की पहचान है। इतना ही नहीं, बॉलीवुड के बाद तमिल चलचित्र उद्योग भी बेहद प्रसिद्ध है और इसे ‘कॉलीवुड’ के नाम से भी जाना जाता है। मेरे यहाँ बहनेवाली प्रसिद्ध नदी कूवम है। यहाँ वार्षिक तापमान लगभग एक समान होता है। पूरे साल यहाँ मौसम आमतौर पर गरम व उमस भरा होता है। मई-जून में बहुत गरमी होती है और जनवरी का मौसम यहाँ सबसे ठंडा होता है। देश के अन्य भागों के विपरीत, यहाँ वर्षा मानसून के लौटने के दौरान उत्तर-पूर्वी हवाओं के चलते होती है। यहाँ पर भारत के सभी प्रमुख त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं। लेकिन जनवरी महीने में आनेवाला पंच दिवसीय पोंगल मेरे शहर की विशेष पहचान है। यहाँ पर शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही व्यंजन खाए जाते हैं। चेन्नई के कुछ प्रमुख व्यंजन पोंगल, डोसा, इडली और वडा अब भारत के सभी स्थानों पर आसानी से मिल जाते हैं; लेकिन मेरे शहर में इनके स्वाद में एक अलग महक होती है, जो चेन्नई की पहचान कराती है। शिवाजी गणेशन, एम.जी. रामचंद्रन, रजनीकांत, कमल हासन, मणिरत्नम और ए.आर. रहमान मेरी ही मिट्टी में पले-बढ़े हैं। यहाँ पर मद्रास विश्वविद्यालय, चेपॉक महल, मत्स्य-पालन केंद्र, कपिलेश्वर, अजायबघर, चिडि़याघर, सेंट जॉर्ज फोर्ट आदि अनेक दर्शनीय स्थल हैं। तो आप कब आ रहे हैं मेरे शहर में घूमने और दक्षिण भारतीय व्यंजनों का आनंद लेने?