मैं चंडीगढ़ हूँ

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मैं भारत का पहला सुनियोजित शहर हूँ। मुझे बनाने की योजना एक फ्रांसीसी वास्तुकार ली कार्बुजिए ने की थी। मैं देश के केंद्र-शासित प्रदेशों में से एक हूँ। अन्य केंद्र-शासित प्रदेशों के मुकाबले मेरे प्रदेश की प्रति-व्यक्ति आय सबसे अधिक है। यहाँ पर जीवन का स्तर भी उच्च है। मैं पंजाब और हरियाणा दो राज्यों की राजधानी होने के कारण अत्यधिक प्रतिष्ठित माना जाता हूँ। रिपोर्टों के अनुसार, मैं देश का सबसे साफ -सुथरा शहर भी हूँ। मेरे यहाँ सिर्फ उन्हीं उद्योगों को लगाने की अनुमति है, जो हवा में प्रदूषण न फैलाते हों। इसलिए मेरे शहर की हवा स्वस्थ और प्रदूषण-रहित है। मेरा गठन 1 नवंबर, 1966 को हुआ था। अपनी खूबसूरत वास्तुकला के चलते मैं उत्तर भारत का खास पर्यटन हब बनकर उभर रहा हूँ। यहाँ कई उद्योग हैं, जो पेपर, मशीन टूल्स, बुनियादी धातु, ऑटो पार्ट्स और बिजली के उपकरणों का निर्माण करते हैं। इसके अलावा, यहाँ खाद्य उत्पादों से जुड़े अनेक उद्योग हैं। इन उद्योगों के माध्यम से शहर की आय बढ़ी है और कुल अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुँचा है।

मेरे शहर की ज्यादातर परंपराएँ पंजाबी संस्कृति से जुड़ी हैं। वैसे यहाँ पर हिंदू, मुसलिम, सिख, इसाई सभी धर्मों के लोग रहते हैं। सभी लोग यहाँ की संस्कृति में रचे-बसे समृद्ध भोजन, त्योहार, नृत्य, संगीत और रीति-रिवाजों से बेहद आनंदित होते हैं। यहाँ के नृत्य पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। भाँगड़ा, गिद््दा, जूली, सम्मी, तीयान यहाँ के लोक-नृत्य हैं।

यहाँ लोग पंजाबी तो बोलते ही हैं, इसके अलावा हिंदी और पंजाबी के मिश्रण सहित अन्य भाषाएँ भी बोली जाती हैं। पंजाबियों का मसालेदार और घी से तर भोजन लोगों को तृप्त करता है। यहाँ का पहनावा अन्य राज्यों से मिलता-जुलता है। महिलाएँ अधिकतर सूट-साड़ी और पुरुष पैंट-शर्ट पहनते हैं। लड़कियाँ आधुनिक पोशाकें भी पहनती हैं।

मेरे शहर की वनस्पति और जीव-जंतुओं की बात की जाए तो आप यहाँ हर जगह वॉटर होल पाएँगे, जिसके आसपास पेड़-पौधे होते हैं। यह विभिन्न प्रजातियों और वन्य जीवन के लिए आदर्श स्थान है। सुखना वन्य जीव अभयारण्य में कई प्रकार के पेड़-पौधे और जीव-जंतु हैं।

यहाँ की शिक्षा भी उच्च कोटि की है। मेरे शहर में लोग शिक्षित और कर्मठ हैं। आप जब भी यहाँ आएँ तो शिवालक रेंज, रॉक गार्डन, सुखना झील और यहाँ बने अन्य गार्डन एवं जलाशय में अवश्य घूमें। आप मेरे यहाँ जल्दी आने का कार्यक्रम बनाइए और लजीज व्यंजनों के साथ ही लोक-नृत्य व पर्यटन स्थल भी देखने का आनंद उठाइए।