संपादकीय : श्री मुकेश कुमार

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प्रिय बच्चो! ‘पंख’ पत्रिका एक बार फिर आपके नन्हे-नन्हे हाथों में आ गई है। पत्रिका के इस अंक को हमने बेहतर बनाने का प्रयास किया है।

आप सभी बच्चों की परीक्षाएँ चल रही होंगी। अपनी परीक्षाओं की परीक्षा के डर के बिना तैयारी करो। क्यूकार्डस बनाकर पढ़ोगे न तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। क्यूकार्डस यानी कि आप एक-एक छोटा सा कार्ड लें, उसमें अपने पाठ के मुख्य बिंदु लिखकर ऐसी जगह रख दें, जहाँ बार-बार आपकी नजर पड़ती रहे। ऐसा आप सभी विषयों व पाठ के साथ करें। इससे आपको बार-बार अभ्यास होता रहेगा और परीक्षाएँ अच्छी होंगी तो परिणाम भी अच्छा आएगा।

बच्चो, इन दिनों आप सभी को हवा में फाल्गुन के रंग घुलते हुए नजर आने लगे होंगे न। हवा बदलने लगी है। नई फसल के आने की उमंग ने किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी है। होली में गेहूँ की बालियाँ पूजने का रिवाज इसलिए है, ताकि धन-धान्य से व्यक्तियों की झोलियाँ भरी रहें और उनके घर-आँगन में खुशियों की दस्तक आती रहे।

होली के त्योहार में आप सभी अपने मित्रों को रंग-गुलाल लगाते हो, मिठाइयाँ खाते हो। इन रंगों का वैज्ञानिक पक्ष भी है। वह यह कि जिस तरह होली में सभी रंग मिलकर जीवन में उमंग उत्पन्न करते हैं, उसी तरह मनुष्य के जीवन में भी सभी रंग आएँ और उनके जीवन को खुशहाल बनाएँ। गुलाबी रंग सपनों का रंग है, पीला रंग ऊर्जा का प्रतीक है, तो हरा रंग हरियाली का, सफेद रंग सादगी का और नारंगी रंग त्याग का, वहीं लाल-पीले व काले रंग मन को उतावला एवं मनचला करने वाले। इसके साथ-साथ स्वच्छता का ध्यान रखना भी हमारा ही कर्तव्य है।

बच्चो, ‘पंख’ पत्रिका आपके ज्ञानवर्द्धन एवं मनोरंजन के लिए ही निकाली जाती है। इस पत्रिका में राज्य विशेष की संस्कृति और सभ्यता को बहुत ही सरल तरीके से आपके सामने लाने का प्रयास किया गया है, ताकि आप अपने राज्य झारखंड को जानें, पहचानें और उसमें अपना योगदान देने के लिए स्वयं को तैयार करें। आपमें से बहुत से बच्चे यह जरूर जानते होंगे कि 16 व 17 फरवरी, 2017 को निवेश के लिए राँची के खेलगाँव में पहला मोमेंटम झारखंड ‘वैश्विक निवेशक सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद सफलता मिली। यह भी उम्मीद है कि अब झारखंड में प्रगति और नई क्रांति आएगी, जो विश्व-पटल पर झारखंड की एक नई पहचान बनाएगी। ‘उड़ता हुआ हाथी’ को मोमेंटम झारखंड का प्रतीक-चिह्न बनाया गया है। इस प्रतीक-चिह्न में हाथी का रंग लाल है, जो समग्र विकास का प्रतीक है और पंख हरे हैं। हरा रंग हरियाली और प्रकृति का द्योतक है। वसंत ऋतु में हर ओर हरियाली के साथ-साथ झारखंड में हर मौसम में हरियाली और सुख-समृद्धि बनी रहे, इन्हीं आशाओं के साथ यह अंक आप प्यारे बच्चों को समर्पित है।

हमेशा की तरह आपके सुझावों और शिकायतों की बेसब्री से प्रतीक्षा रहेगी।

आप अपने सुझाव इ-मेल jepcranchi1@gmail.com पर भेज सकते हैं।

राज्य परियोजना निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद्

मुकेश कुमार (भा.प्र.से.)
राज्य परियोजना निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद्