भारतीय रेल

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‘छुक-छुक, छुक-छुक रेल चली, रेल चली भई रेल चली।’ रेल के बहुत सारे गीत और खेल आपने खेले होंगे। रेल का सफर भी आप में से कई बच्चों ने जरूर किया होगा। मजा आता है न रेल का सफर करने में। भागती रेल के साथ खिड़की से बाहर देखने पर ऐसा लगता है, जैसे पेड़, घर, खेत आपके साथ-साथ भाग रहे हैं। इतना ही नहीं, जब रेल में बैठकर आप आसमान में चंदा मामा की ओर देखते हो तो ऐसा लगता है, मानो चंदा मामा भी आपके साथ-साथ दौड़ रहा है। बेहद सुंदर दृश्य रेलयात्रा को रोचक बना देते हैं। रेल का आनंद तो हम उठाते हैं, पर क्या उसकी जानकारी भी हम रखते हैं? चलिए, आज आपको भारतीय रेल की कुछ बातें बताते हैं।

भारतीय रेल एशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। इसकी कुल लंबाई 1,15,000 कि.मी. है। रेल 150 सालों से भी अधिक समय से लोगों की लंबी यात्रा का एक प्रमुख साधन रहा है। भारत में रेलों की शुरुआत सन् 1853 में अंग्रेजों ने अपनी सुविधा के लिए की थी। सन् 1853 में रेल की शुरुआत बहुत ही मामूली तरीके से हुई थी। पहली रेल 16 अप्रैल, 1853 को बंबई के बोरीबंदर स्टेशन से थाणे तक चलाई गई थी। भारतीय रेल को 17 क्षेत्र या जोन्स में बाँटा गया है। पहले रेल की टिकट बुक कराने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी रहती थीं, लेकिन अब ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से रेलयात्रा की सुविधा और भी सरल हो गई है। दिन-प्रतिदिन रेल मंत्रालय अपने यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ देने के लिए योजनाएँ बना रहा है। अब तो रेल विभिन्न प्रकार की हैं—मोनो रेल, बुलेट ट्रेन, मेट्रो रेल और टॉय ट्रेन आदि।

भारत में 1 फरवरी, 2014 को पहली मोनो रेल का उद्घाटन किया गया। यह मोनो रेल मुंबई में चलती है। बुलेट ट्रेन बहुत तेजी से चलती है और यह 160 से 200 कि.मी. प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ती है। अभी तक भारत में बुलेट ट्रेन नहीं चलती परंतु शीघ्र ही चलनी आरंभ हो जाएगी। मेट्रो रेल आज यातायात का सबसे सुलभ और प्रदूषण मुक्त माध्यम है। मेट्रो रेल का प्रारंभ दिल्ली में सन् 2002 में हुआ, जिसने हर यात्री की यात्रा को सुगम बना दिया है। आज भारत के अनेक शहरों में मेट्रो रेल चल रही है। टॉय ट्रेन भी एक लोकप्रिय ट्रेन है। टॉय ट्रेन भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में चलती है। इस ट्रेन में बैठे यात्री पहाड़ों और पर्वतों के सुंदर चित्र ले सकते हैं और प्रकृति का भरपूर आनंद उठा सकते हैं।

रेल से सफर करने के अनेक लाभ हैं। आप कम समय में अपने गंतव्य तक पहुँच सकते हैं। रेल यात्रा के दौरान अनेक अनजान यात्रियों से भी आपकी मित्रता हो जाती है और उनमें से कई व्यक्ति तो जीवन भर आपके काम आते हैं। मगर रेलयात्रा करते समय अपने सामान की देखभाल भी करनी चाहिए, क्योंकि यात्रा के दौरान चोरी और दुर्घटनाओं की आशंका रहती है।

हम भी रेल को स्वच्छ रखकर भारतीय रेल को अधिक आकर्षक और विकसित बना सकते हैं।