प्राथमिक चिकित्सा

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बच्चो, कई बार हमारे आस-पास अचानक घर, बाहर या स्कूल में कहीं भी दुर्घटना घट जाती है। आपके स्कूल में जब अचानक किसी बच्चे की तबीयत खराब हो जाती है तो उसे स्कूल के मेडिकल रूम में तुरंत चिकित्सा प्रदान की जाती है। अचानक कई बार घर या बाहर भी तबीयत खराब हो जाती है या कोई दुर्घटना घट जाती है। ऐसी स्थिति में जब तक डॉक्टर नहीं आता, तब तक मरीज को निगरानी में रखना चाहिए और उसे तुरंत प्राथमिक चिकित्सा देनी चाहिए। प्राथमिक चिकित्सा को ‘फर्स्ट एड’ कहते हैं। सभी को घर में फर्स्ट एड बॉक्स जरूर रखना चाहिए। इस बॉक्स में पट्टी, दवाई, रुई का पैकेट, डिटॉल की शीशी, दर्द-निवारक दवाई, कैंची आदि होनी चाहिए। इन चोटों पर आप रोगी को प्राथमिक चिकित्सा तुरंत दे सकते हैं—

खून बहने से रोकना : शरीर के अंगों से खून निकलने के बहुत से कारण होते हैं। कई बार गिरकर चोट लगने से भी खून बहने लगता है। गर्मियों में नाक से खून आने लगता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से भी नाक से खून आने लगता है और कान से भी कभी-कभी खून बहने लगता है। यदि चोट लगने पर खून बहे तो उसे रोकने के लिए एक पट्टी कसकर बाँध दें। इसके बाद घाव को डिटॉल से साफ करके दवाई लगा दें। नाक से खून निकलने पर रोगी को सीधा लिटा दें और नाक को थोड़ी देर के लिए बंद करें और फिर छोड़ें। ऐसी क्रिया चार-पाँच बार करें। रोगी के सिर पर ठंडा पानी डालें। कान से खून बहने पर रोगी के कान को रुई से साफ करके वहाँ पर ठंडे पानी की पट्टी रखें। इन तरीकों से खून बहना रुक जाता है।

आग से जलने पर : कई बार दूध, गरम पानी, चाय या गरम तेल गिरने से त्वचा झुलस जाती है और लापरवाही से कपड़े भी आग पकड़ लेते हैं। ऐसी दशा में जल्दी से कंबल या मोटे कपड़े से व्यक्ति को ढँक देना चाहिए। यदि त्वचा में छाले नहीं पड़े हैं तो ठंडा पानी डालें। छाले निकलने पर उन्हें फोड़ना नहीं चाहिए और वहाँ बोरिक एसिड छिड़कना चाहिए। आलू को कच्चा पीसकर या टूथपेस्ट लगाने से भी जले हुए स्थान पर राहत मिलती है।

जहर फैलने पर : कई बार साँप, बिच्छू और जहरीले जानवरों के काटने से डॉक्टर के आने तक शरीर में जहर फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए इनके काटने पर रोगी को सोने न दें, उसको गरम चाय या कॉफी दें। काटनेवाले स्थान से थोड़ा ऊपर एक कपड़ा कसकर बाँध दें। इन प्राथमिक चिकित्साओं के कारण रोगी की जान बचाई जा सकती है।

बच्चो, अब तो आप समझ गए होंगे कि हर बच्चे को प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान होना जरूरी है। आप भी अपने घर के फर्स्ट एड बॉक्स के बारे में माता-पिता से जानकारी लीजिए। दुर्घटना के समय इससे आपको बहुत मदद मिलेगी।