झारखंड के हस्तशिल्प

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प्रत्येक राज्य की हस्तकलाएँ अपने विशिष्ट रूप को ग्रहण कर अपनी एक अलग पहचान बनाती हैं। झारखंड के हस्तशिल्प का देश और दुनिया में अपना विशिष्ट स्थान व पहचान है। यहाँ के शिल्पकारों द्वारा निर्मित डोकरा शिल्प, मिट्टी शिल्प, बाँस शिल्प, काष्ठ शिल्प आदि को बड़े ही कुशलतापूर्वक बनाया जाता है।

डोकरा शिल्प—डोकरा कला में अलौह धातु की कास्टिंग में मोम की कास्टिंग तकनीक का उपयोग होता है। झारखंड में मलार समुदाय के लोग इस कार्य को करते हैं। डोकरा कला में अधिकतर हिरण, घोड़ा, महिषासुर-मर्दिनी, कछुआ, बारहसिंगा, आदिवासी युगल, सामूहिक नृत्य करते स्त्री-पुरुष, मगरमच्छ, चावल, धान आदि का निर्माण होता है।

काष्ठ शिल्प—झारखंड के वनों में शाल, गम्हार, बेर, बबूल, जामुन, आम व इमली जैसे पेड़ों की अधिकता है। झारखंड में काष्ठ शिल्प सुंदरता और उपयोगिता का बेजोड़ नमूना है। सजावटी सामानों के साथ-साथ दैनिक जीवन में इस्तेमाल होनेवाली चीजें—दरवाजा, खिड़की, बक्सा, रसोई बनाने के उपकरण आदि काफी कलात्मकता से बनाए जाते हैं। लकडि़यों पर बहुत ही करीने से नक्काशीदार शिल्प बनाया जाता है। काष्ठ कला में आमतौर पर बिरसा मुंडा की प्रतिमा, पीठ पर बच्चा और सिर पर घास का गट्ठर लिये महिला, पशुओं के गले में बाँधी जानेवाली घंटी एवं विभिन्न प्रकार के मुखौटे आदि अत्यंत लोकप्रिय हैं।

बाँस शिल्प—झारखंड के वनों में बाँस प्रचुरता से उपलब्ध है। आदिवासी समाज का प्राचीनतम यंत्र तीर-धनुष, बाँसुरी, बीज बोने की पेरनी, टोकरी, मछली मारने का उपकरण आदि का निर्माण और उपयोग इस क्षेत्र में खूब होता है। वर्तमान में बाँस से पारंपरिक वस्तुओं के अलावा संदूक, फूलदानी, टेबल लैंप, लैंप शेड, कुरसी, टेबल, सोफा व पलंग इत्यादि का निर्माण भी हो रहा है।

मिट्टी शिल्प—झारखंड का मिट्टी शिल्प भी काफी प्राचीन और आकर्षक है। ये शिल्पी मुख्य रूप से घड़ा, मिट्टी के कप, सुराही, दही जमाने के लिए हाँड़ी, तावा, गिलास, ढक्कन, मुढ़ी भूनने की खपड़ी, कोहिया, डढ़का, चीलमा, ढिबरी तथा अन्य उपयोगी सामान बनाते हैं। उन्हें सुगढ़ आकार देते हैं तथा रंगों एवं डिजाइनों से अलंकृत करते हैं।

जूट शिल्प—झारखंड में जूट के प्रयोग से रस्सी के साथ-साथ अन्य सजावटी सामग्रियों का निर्माण भी हो रहा है। इन सामग्रियों में फैंसी थैला, टेबल मैट, कोस्टर मैट, फाइल होल्डर, पोर्टफोलियो बैग, पर्स, डोर मैट तथा सुंदर खिलौने सम्मिलित हैं। जूट से निर्मित कारपेट आकर्षक व टिकाऊ  होते हैं। इन सामग्रियों की विशेषता है कि ये इको-फें्रडली हैं।