ग्लोबल वार्मिंग

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हम सब पृथ्वी पर रहते हैं। पूरे ब्रह्मांड में केवल पृथ्वी ही रहने योग्य ग्रह है। पृथ्वी की जलवायु और वातावरण ऐसा है कि मनुष्य सहजता से उसमें अपना जीवनयापन करता है। पृथ्वी पर व्यक्ति के जीवन के लिए सभी आवश्यक तत्त्व मौजूद हैं। प्राचीनकाल से ही मनुष्य पृथ्वी पर रहते हुए निरंतर विकास की ओर बढ़ रहा है। विकास की ओर बढ़ते हुए, जहाँ उसने अनेक नई चीजों की खोज की है, वहीं जनसंख्या वृद्धि व कार्बन डाइ-ऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि के कारण पृथ्वी पर ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बढ़ता जा रहा है। जब पृथ्वी पर तापमान बढ़ने लगता है, तो ग्लोबल वार्मिंग की समस्या उत्पन्न होती है, क्योंकि इससे वायुमंडल का तापमान बढ़ जाता है और सभी प्राणियों का जीवन संकटमय हो जाता है। वायुमंडल में मौजूद ओजोन परत पृथ्वी पर आनेवाली हानिकारक किरणों को रोके रखती है, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के कारण उसमें छेद होते जा रहे हैं, जिससे हानिकारक किरणें पृथ्वी पर पहुँचने लगी हैं।

जब वातावरण में तापमान बढ़ने लगेगा, तो मनुष्य के साथ ही सभी प्राणियों का जीवित रहना मुश्किल हो जाएगा। अनेक वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि पृथ्वी पर पेड़-पौधों को लगातार काटा जाता रहा, तो आनेवाले समय में पृथ्वी पर अनेक समस्याएँ खड़ी हो जाएँगी। धरती पर कार्बन डाइ-ऑक्साइड के लगातार बढ़ने की वजह जीवाश्म ईंधनों, जैसे—कोयला और तेल का ज्यादा इस्तेमाल होना है। जीवश्म ईंधन वे होते हैं, जो पृथ्वी के नीचे से प्राप्त होते हैं। कॉर्बन डाइ-ऑक्साइड गैस को इनसानों द्वारा कई रूपों में छोड़ा जाता है। यह गैस हानिकारक होती है और इस का इस्तेमाल पेड़-पौधों के द्वारा ही किया जाता है। ऐसे में यदि पेड़-पौधे कम होते रहे, तो कॉर्बन डाइ-ऑक्साइड की वृद्धि से वातावरण में असंतुलन लगातार बढ़ता जाएगा। बढ़ते तापमान के कारण समुद्र का जल स्तर बढ़ जाता है, बाढ़ और तूफान आते हैं। खाद्य पदार्थों की कमी हो जाती है और वातावरण में तमाम तरह की बीमारियाँ उत्पन्न हो जाती है।

ग्लोबल वार्मिंग से बचने के लिए हम सभी को योगदान करना होगा। इसके लिए हम ज्यादा-से-ज्यादा पेड़-पौधे लगा सकते हैं, वर्षा के जल का संरक्षण कर सकते हैं और जीवाश्म ईंधनों, जैसे कोयला, पेट्रोल, डीजल आदि का प्रयोग सीमित मात्रा में करके ग्लोबल वार्मिंग को रोक सकते हैं। ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए वैश्विक जागरूकता भी जरूरी है।

बच्चो! आप पृथ्वी पर जीवन बनाए रखना चाहते हैं, तो इस पर मँडराने वाले ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को मिटाने के लिए एकजुट हो जाओ और अपनी धरा को स्वच्छ, सुंदर व हरा-भरा बनाओ।