कल्पना चावला

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बच्चो, आप सब बड़े होकर एक ऐसा सितारा बनना चाहते हो न, जो सबका लाडला हो और जिसे सारी दुनिया याद करे। हर बच्चा बड़ा होकर मनचाही कामयाबी हासिल कर सकता है, यदि वह लगन से अपनी पढ़ाई करे। आप सबने कल्पना चावला का नाम तो सुना होगा। वही कल्पना चावला, जो सितारों से बातें करती थी। उसने अपना कॅरियर ऐसे क्षेत्र में बनाया, जो बेहद कठिन होता है। वह सफल एस्ट्रोनॉट बनी। उसका जन्म 1 जुलाई, 1961 को हरियाणा के करनाल में हुआ था। कल्पना अपने भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसने करनाल के टैगोर बाल निकेतन स्कूल से अपनी पढ़ाई की। उसने चंडीगढ़ में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया। इसके बाद उसके अंदर उड़ान भरने की रुचि पैदा हुई। उड़ान की कल्पना को साकार करने के लिए कल्पना ने चंडीगढ़ स्थित अपने कॉलेज में एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। वह एरोनॉटिक्स में अपना भविष्य बनाने के लिए बेहद उत्साहित थी। एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में डिग्री लेने के बाद वह संयुक्त राष्ट्र चली गई। वहाँ अर्लिंगटन में टेक्सास यूनिवर्सिटी से उसने एरोस्पेस में इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने कोलोरॉडो यूनिवर्सिटी से एरोस्पेस इंजीनियरिंग में पी-एच.डी. की। बच्चो, कल्पना रुचि और उत्साह के कारण ही एरोस्पेस इंजीनियरिंग में पी-एच.डी. कर पाई। इसके कुछ समय बाद ही उसे नासा के एक रिसर्च सेंटर में काम मिल गया। कल्पना की कल्पना आसमान को छूकर अंतरिक्ष में जाकर सितारों से बातें करने की थी। इसलिए उसने दिन-रात कड़ा परिश्रम किया। दिसंबर 1994 में कल्पना का चयन ‘नासा’ में हो गया और उसे अंतरिक्ष समूह के सदस्य के रूप में शामिल कर लिया गया। सन् 1998 में उसे पहली उड़ान के लिए चुना गया। 1 फरवरी, 2003 को वह अपने सदस्यों के साथ अंतरिक्ष में उड़ान भरने के लिए चली। यात्रा के कुछ देर बाद ही यान तेजी से पृथ्वी की ओर लौट रहा था कि अचानक पृथ्वी पर लौटने से महज 16 मिनट पहले आग की लपटों के साथ जोरदार धमाका हुआ और सितारों से बातें करने की चाह रखनेवाली कल्पना अंतरिक्ष के सितारों में ही खो गईं।

बच्चो, कल्पना चावला मृत्यु के बाद एक ऐसा सितारा बन गई, जो सदियों तक चमकता रहेगा और हर बच्चे को प्रेरणा देता रहेगा। कल्पना चावला को मरणोपरांत ढेर सारे पुरस्कार भी प्राप्त हुए। आज देश-विदेश में स्थित अनेक स्पेस सेंटर के नाम भी कल्पना चावला के नाम पर हैं। कल्पना चावला अमर हैं। आप ध्यान से आसमान की ओर देखो तो पाओगे कि कल्पना चावला सबसे चमकीला सितारा बनकर हर भारतीय बच्चे को पढ़ने के साथ ही एक अच्छा इनसान बनने की प्रेरणा दे रही है।